हाथरस सत्संग हादासा; 11 आरोपियों के खिलाफ 3200 पेज की चार्जशीट दाखिल, बाबा का नाम नहीं
BREAKING
CM मान ने 606 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र सौंपे; पंजाब के इतिहास में पहली बार चार सालों में 61,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी न्यूज़ीलैंड वनडे सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान; शुभमन गिल की कप्तानी में खेलेंगे विराट कोहली और रोहित, सभी खिलाड़ियों की लिस्ट 'अर्धनग्न, हाथ में शराब की बोतल और सड़क पर डांस'; हिमाचल में ये कैसा उपद्रव मचा रहे पर्यटक, बर्फबारी के मजे में शर्मनाक हरकत 'किसी को बिकनी पहना रहा तो किसी की न्यूड फोटो बना रहा'; X AI टूल Grok पर भारत सरकार का मूड ठनका, ले लिया यह एक्शन नववर्ष के उपलक्ष पर निरंकारी सतगुरु का खुशियों और आशीष भरा पावन संदेश, निरंकार की रजा में जीवन जीना ही सच्ची साधना

हाथरस सत्संग हादासा; 11 आरोपियों के खिलाफ 3200 पेज की चार्जशीट दाखिल, बाबा का नाम नहीं

Hathras Satsang Accident

Hathras Satsang Accident

Hathras Satsang Stampede: उत्तर प्रदेश के हाथरस में नारायण साकार विश्व हरि उर्फ भोले बाबा के सत्संग में मची भगदड़ मामले में 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई है. पुलिस ने मंगलवार 1 अक्टूबर को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की. इस चार्जशीट में सत्संग के आयोजनकर्ता समेत ग्यारह लोगों को आरोपी बनाया है. इस भगदड़ में 121 लोगों की जानें चली गई थीं. जांच के दौरान आयोजकों पर कई गंभीर सवाल उठे थे. 

पुलिस ने सत्संग भगदड़ मामले में कुल 3200 पेजों को चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की है. इस मामले पर अगली सुनवाई 4 अक्टूबर को होगी. इनमें से दस आरोपियों को कोर्ट में पेश भी किया जा चुका है. 

इससे पहले इस मामले में मुख्य आरोपी देव प्रकाश मधुकर, मेघ सिंह, मुकेश कुमार, मंजू देवी, मंजू यादव, राम लड़ेते, उपेंद्र सिंह, संजू कुमार, राम प्रकाश शाक्य, दुर्वेश कुमार और दलवीर सिंह को गिरफ्तार किया था. इनमें से महिला मंजू देवी और मंजू यादव की अंतरिम जमानत को मंज़ूर कर लिया गया है लेकिन अब तक इनकी रिहाई नहीं हो पाई है. 

जानें कैसे हुआ था ये दर्दनाक हादसा 

ये हादसा दो जुलाई को हुआ हाथरस के फुलरई गाँव में हुआ था. जहां खेत में नारायण साकार विश्व हरि का सत्संग था. इस सत्संग में 80 हज़ार लोगों के आने की परमिशन ली गई थी, लेकिन क़रीब ढाई लाख लोग इसमें शामिल होने पहुंचे थे. आयोजित की सारी व्यवस्था नारायण साकार हरि से सेवादारों ने ही संभाल रखी थी. सत्संग के बाद जब बाबा भोले वहां से जाने लोग तो सैकड़ों भक्त उनका चरणों की धूल लेने के लिए भागने लगे. इसी बीच भगदड़ मच मच गई थी. 

बारिश की वजह से मिट्टी फिलसनी थी, जिसके बाद एक के ऊपर एक लोग गिरते चले गए. इस हादसे में 121 लोगों की जानें चलीं गई थी, कई चश्मदीदों ने दावा किया कि जिस वक़्त ये हादसा हुआ बाबा के सेवादार जिन पर हालात को संभालने की ज़िम्मेदारी थी वो भी वहां से भाग खड़े हुए. पुलिस ने इस संबंध में एफआईआर दर्ज की थी लेकिन, उसमें भी नारायण साकार हरि का नाम नहीं था.

यह भी पढ़ें:

मेरठ में STF की बड़ी कार्रवाई; फर्जी सर्टिफिकेट के नाम पर नौकरी दिलाने वाले गैंग का किया खुलासा, 13 लोग गिरफ्तार

पूर्व सपा विधायक इरफान सोलंकी की जमानत मंजूर, बांग्लादेशी नागरिक के फर्जी सर्टिफिकेट बनवाने का मामला

वाराणसी में हटाई जा रही साईं की प्रतिमाएं, अब तक 14 मंदिरों से हटी मूर्तियां, आखिर क्यों?